इस हवाके झोका क्यों ?
और किसिके होचुकी हो तो
फिर मुझसे नाहक धोका क्यों ?
राह अलग थि और, मंजिले भी
तय करलेती मुझको रोका क्यों ?
हाथ धोना हि था, धो लिया मैने
फिर आजादिमे माथा ठोका क्यों ?
और किसिके होचुकी हो तो
फिर मुझसे नाहक धोका क्यों ?
राह अलग थि और, मंजिले भी
तय करलेती मुझको रोका क्यों ?
हाथ धोना हि था, धो लिया मैने
फिर आजादिमे माथा ठोका क्यों ?
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